वॉशरूम में चुद गई मुस्कान

हेलो दोस्तो ये मेरी पहली कहानी है कहानी शुरू करने से पहले मैं अपने बारे मे आप को बता दूँ मेरा नाम मुस्कान है मैं हेदराबाद की रहने वाली हूँ मेरी उम्र 24 साल है मेरी लम्बाई 5’3 है रंग गोरा और मैं स्लिम हूँ मेरे बूब्स ना बहुत बड़े है और ना छोटे बहुत गोरे और फूले हुये बूब्स है और निपल पिंक कलर के है मेरी चूत का रंग काला है और बहुत छोटी चूत है मेरी कोई मर्द भी देख ले उसे तो उसका भी लंड खड़ा हो जायेगा ये एक कहानी नही बल्कि हक़ीक़त है एक दिन मैं अपनी दादी के घर गई वहा पर दूर के मेरे एक कजिन ने मुझे जिसका नाम अली है मुझे प्रपोज़ कर दिया बहुत सोचने के बाद मैने उसे हाँ कह दी क्योकी दिल ही दिल मे मैं उसे बहुत चाहती थी इसकी खबर हमारे घर मे किसी को नही थी.

एक दिन उसने मुझे लंच पर बुलाया मैं अपनी सहेली के घर जाने का बहाना करके उससे मिलने रेस्टोरेंट गई मैं वॉशरूम जाने के लिये उठी तो वो भी मेरे पीछे पीछे वॉशरूम आ गया और मेरे साथ अंदर आ गया वॉशरूम बहुत छोटा था मैं और अली एकदम करीब थे उसकी गर्म साँसें मेरे चेहरे पर आ रही थी वो मेरे और करीब आ गया मेरी धड़कन बढ़ गई मैने अपनी आँखें बंद कर ली और उसने मेरे होंठो पर अपने होठ रख दिये और हम स्मूच करने लगे मैं उसके होठ चूसने लगी ज़ोर ज़ोर से और अपनी ज़ुबान उसके मुँह मे डालने लगी पता नही हम कितनी देर तक एक दूसरे को चूमते रहे वक़्त जेसे रुक गया था अली ने मेरे होठ छोड़ दिये मेरी आँखें बंद थी.

उसने मुझे आँख खोलने को कहा जब मैंने अपनी आँखें खोली तो मैं दंग रह गई क्योकी उसकी अंडरवेयर मे से उसका लंड टेंट की तरह खड़ा हो गया था उसने मेरा हाथ पकड़ा और अपने लंड के पास ले गया और रगड़ने लगा लंड को मेरे हाथ से हाय क्या लंड था पत्थर की तरह सख़्त फिर अली ने मुझे दीवार से चिपका दिया और अपना लंड मेरी गांड के उपर रगड़ने लगा मेरी तो जान निकलने लगी मैं अली से कहने लगी ऐसा मत करो और चिल्लाने लगी वो मेरी चीखे सुनके और ज़ोर से करने लगा फिर थोड़ी देर बाद वो रुक गया और मुझे पीछे से ही लिपट गया.

मैं अपनी धड़कन पर क़ाबू करने लगी और उसने धीरे से मेरी कमीज़ की ज़िप खोल दी और मैं जल्दी से पलट गई मैने उसकी आँखो मे देखा एक नशा था उसकी आँखो मे एक इच्छा थी मैने अपने आपको उसके हवाले कर दिया और उसके सीने से लग गई और वो मेरा कुर्ता उतारने लगा फिर मेरी ब्रा और मेरे बूब्स दबाने लगा फिर उसने मेरे बूब्स मुँह मे ले लिये और अपने हाथो से मेरा शलवार खोलने लगा और मेरी पेंटी भी निकाल दी मैं उसके सामने नंगी खड़ी रही और वो मेरे बदन को घूरता रहा फिर वो अपनी उंगली मेरी चूत मे डालने लगा क्योकी मेरी चूत अब तक कुँवारी थी मुझे बहुत दर्द हो रहा था अली ने भी अपना अंडरवेयर निकाल दिया क्या बताऊँ क्या लंड था उसका लंबा, मोटा और काला मैं आँखे फाड़ फाड़ के उसके लंड को देखने लगी और वो सीट पर बैठ गया उसका लंड बहुत तना हुआ था.

उसने मुझे अपने पास बुलाया और अपने उपर बेठने को कहा मैं बहुत डर गई थी उसका लंड देख के 9 इंच का होगा उसका लंड फिर उसने मुझे अपने पास खींच के अपने उपर बिठा लिया हाय क्या मज़ा आने लगा था वो मेरी जांघो के बीच मे था वो अपना लंड मेरी चूत की दीवारो पर रग़ड रहा था और मैं पागल हो रही थी और मेरी चीखे निकल रही थी और वो हरामी मज़े ले रहा था मैं चीखे जा रही थी अली अंदर डाल और वो बस मेरी चूत को सहला रहा था फिर उसने मेरे बाल पकड़ लिये और खींचने लगा और एक ही झटके मे अपना आधा लंड मेरी चूत मे डाल दिया…आअहह…मैं बस चीखे जा रही थी और उसने बोला ले लंड पूरा अंदर ले और अंदर ले उसने और एक ज़ोर का झटका लगाया और उसका पूरा का पूरा लंड मेरे अंदर आ गया.

मैं दर्द से चीख रही थी मुझे ये भी परवा नही थी की कोई हमारी आवाज़ें सुन लेगा वो अपना लंड गोल गोल घूमा के मेरी चूत की सैर कर रहा था मादारचोद साला मुस्कान अंदर ले साली वेश्या अंदर ले आज तेरी चूत की माँ बहन एक कर दूंगा रांड बोल रहा था वो हाय हाय क्या चूत है तेरी इसे तो अब मैं दिन रात चोदूंगा वो बोला और मैं हाँ ये चूत तेरी ही है और मैं उपर नीचे हो रही थी उसका लंड अंदर बाहर कर रही थी वो मुझे चोदते जा रहा था फिर उसने अपना लंड बाहर निकाल दिया और मैं उसे गालिया देने लगी बहनचोद रुका क्यों चोद मुझे वो कुछ नही बोला और मुझे दीवार से चिपका के मेरी गांड को अपने हाथो से खोल दिया फिर अपने पैरो पर नीचे बेठ गया और मेरी चूत सूंघने लगा और मेरी चूत को और खोल के अपनी ज़ुबान से मेरी चूत को चाटने लगा और मैं ऑश आअहह, ऑश यअहह करने लगी.

वो मेरी चूत को काटने भी लगा और खड़ा हो गया और अपना लंड मेरी गांड मे डालने लगा चूतिया बहनचोद वो बोला साली रुका क्यों बोली थी ना अब अंदर ले छिनाल अंदर ले मैं अहह करती रही और वो मेरी गांड मारता रहा फिर उसने मेरी गांड से लंड निकाला और मेरी चूत फाड़ने लगा फिर से उसका लंड मेरी चूत मे था और मेरी चूत से खून निकलना शुरू हो गया और वो खुश हो गया और बोला की अब तू कुवांरी नही रही और मुझे और ज़ोर से चोदने लगा और बहुत देर तक मुझे चोदता रहा वो फिर वो बोला की आज तेरी बच्चे दानी मे मूठ मारता हूँ रांड़ और मैं हाँ अली हाँ अली करती रही और उसने मेरी चूत अपने पानी से भर दी आआआहह.

हम बहुत थक गये थे और फिर जल्दी से कपड़े पहन के बाहर निकल आये एक के बाद एक ताकि कोई ना कोई देख ना ले हमें साथ निकलते हुये हम 30 मिनिट से भी ज़्यादा उस वॉशरूम मे बंद थे मैं और अली फिर बहुत बार गये उसी रेस्टोरेंट मे अपनी भूख मिटाने के लिये पेट की भी और हमारी हवस की भी अगर आपको मेरी स्टोरी पसंद आई तो इसे जरुर शेयर करें.