सच्ची कहानी : 18 साल की लड़की को चोदने का अनुभव

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दोस्तों आज मैं आपको एक ऐसी कहानी सुनाना चाह रहा हु, जिसको आप ज़िंदगी में बार बार सुनना और याद करना चाहते है, आज भी आपको पहली चुदाई का अनुभव पता होगा, जब आपने पहली बार चुदाई की होगी, वो दृश्य भी अभी भी ताजा होगा, कोई भी पुरुष को आज भी तमन्ना रहती है की काश! मुझे आज कोई अठारह साल की लड़की से सेक्स सम्बन्ध बने, इंसान हमेशा फ्रेश जवानी को भोगना चाहता है, आप शायद मेरी बातों से वाकिफ होंगे.

मैं आपको एक ऐसे ही कहानी से अवगत कराऊंगा जिसमे फुल मजा है, चुदाई का, आज आप फिर से अपने दिमाग को तरोताजा कर सकते है, ये कहानी एक ऐसी लड़की की है जो पहली बार चुद रही थी, मैं अपना और उसका भी एक्सपीरियंस आपको शेयर कर रहा हु,

मेरा नाम कुशाग्र है, एक प्रतिष्ठित कोचिंग में पढ़ाता हु, मेरी उम्र 35 है, मैं दिल्ली में रहता हु, ये कहानी जो है वो है एक लड़की जिसका नाम है स्नेहा, स्नेह बहुत ही खूबसूरत और पढ़ने में काफी तेज है, वो आज तक सारे क्लास में फर्स्ट करते आई है, और अपने लेवल के कई सारे एग्जाम में भी उसका बहुत अच्छा मार्क्स है, उसका एम है वैज्ञानिक बनना, मैं किसी को भी टूशन नहीं देता है, कोई की मेरे पास टाइम नहीं होता है, पर मेरे पड़ोस में रहने बाली एक भाभी है, वो मुझसे रिक्वेस्ट की कि आप प्लीज मेरी बेटी को पढ़ा दे, मैंने कहा मैं टूशन नहीं लेता, पर वो एक हेल्प के नाते ही बोली कि आपको ये काम करना पड़ेगा, प्लीज मना मत कीजिये, और मैंने कहा ठीक है मैं सिर्फ संडे को ही एक क्लास दे पाउँगा, वो लोग बहुत ही ज्यादा खुश हुए.

मेरी शादी हो चुकी है, घर में मेरी वाइफ भी होती है, पर वो स्कूल जाती है वो भी टीचर है, एक दिन कि बात है, संडे का दिन था, घर पर मेरी वाइफ नहीं थी, वो अपने मायके गई थी, और वो लड़की उस दिन स्कर्ट पहन कर आई और पुछि कि आंटी नहीं है, तो मैंने कह दिया कि वो बाहर गई, उस दिन पढाई काम बल्कि उससे उसके पर्सनल लाइफ के बारे में पूछना सुरु कर दिया था मैंने, वो भी बड़ी ही बेबाकी से मेरे सबाल का जवाब दे रही थी, तो पता चला कि जब भी कभी उस्स्को किसी से अट्रैक्शन हुआ है तभी उसके मार्क्स ख़राब हो गए, वो उसने कहा कि सर आज कल मेरे मन में अलग अलग ख्याल आते है, मेरी कुछ सहेलियां है जो कि अभी अभी ही सेक्स कि है और वो कहती है यार एक बार कर के देख मजा आ जायेगा, पर मैं किसी और के चक्कर में नहीं पड़ना चाहती हु, मेरा फोकस है, सिर्फ आई आई टी, और मैं उसको क्रैक करना चाहती हु, और अपने परिवार का नाम रौशन करना चाहती हु,

पर कई बार मैं पढाई नहीं कर पाती हु, कई बार मेरा ध्यान भटक जाता है, और लगता है कि मेरा भी कोई दोस्त हो जो मुझे केयर करे किश करे और एवं मुझे सेक्स भी करे, पर मैं करना भी चाहती हु और इसमें पढ़ना भी नहीं चाहती हु, वो मुझसे काफी खुल गई थी, मैं खुद भी नहीं चाहता था कि उस लकड़ी को मैं कुछ करूँ या तो इस पर आगे बधु पर वो खुद ही बोल पड़ी, सर एक काम करो, आप मेरे से प्यार करो, मैं आपसे सेक्स करना चाहती हु, ताकि मैं और कही दूसरे जगह ध्यान नहीं लगाऊ, मेरी पढाई भी ठीक चले और मैं बाहर कही बहकु भी नहीं. मैं समझ गया वो लड़की बहुत ही होशियार है, मैंने कहा अगर ये बात किसी को पता चल गया तो, तो वो बोली देखिये आपपर कोई शक भी नहीं करेगा, आपकी पत्नी भी नहीं ना तो मेरी माँ.

अब मैं भी उसके झांसे में आ गया, और मैंने उसके परपोसल को मान लिया, मैंने उसके करीब बुलाया वो आगे, मैंने उसके गाल पर पहले एक किश किया और फिर होठ पे, वो भी अब मेरे होठ को चूमने लगी, मैंने उसकी चूचियों को दबाने लगा, छोटी छोटी चूची थी पर बहुत ही गजब का शेप में, बीच में उसके निप्पल गजब के लग रहे थे मटर के दाने कि तरह, मैंने उसके सारे कपडे उतार दिए, और उसको चुमेंट लगा, उसके चूत पर हाथ लगाया तो चूत पानी पानी हो चूका था, मैंने ऊँगली से उसके चूत के छेद को महसूस करने कि कोशिश कि पर पता नहीं चला, फिर मैंने उसको लिटा दिया और दोनों पैर उठा कर, उसके चूत को थोड़ा चिर कर देखा, अंदर छेद नहीं दिख रहे था फिर मैंने उसके गांड के छेद के थोड़ा ऊपर अंदर ऊँगली डाली तो हलकी सी चली गई, वो आआह कर गई और बोली प्लीज ऊँगली निकाल लो.

फिर मैंने उसके होठ को चूसने लगा, वो बोली सर प्रोमिस करो कि आप ये बात किसी को नहीं बताओगे, मैंने कहा यार तुम भी किसी को नहीं बताना, फिर क्या था, मैंने उसके चूत पे लंड रखा और घुसाने लगा, वो मुझे हाथ से धक्के दे रही थी निकालो निकालो जलन हो रही है, जलन हो रही है, मैंने फिर अपना लंड उसके चूत से निकाल लिया जो अभी गया ही नहीं था, वो कहने लगी सर दर्द हो रहा है, चलो दूसरे दिन करते है, मैंने कहा बार बार ये मौक़ा नहीं आएगा, आज ही काम कर लेते है फिर अपने पढाई पर ध्यान लगाना, वो फिर तैयार हो गई, मैंने फिर से अपने लंड में थूक लगाया और फिर से कोशिश कि, पर मेरे लंड बहुत मोटा था और उसके चूत का छेद बहुत ही छोटा अंदर जा ही नहीं रहा था, पहिर मैंने दो तीन तरीके से लंड को चूत में घुसाने कि कोसिस कि पर कामयाब नहीं हो पाया,

लंड तो चूत के अंदर जा नहीं रहा था, पर उसके आँख से आंसू जरूर निकल गए, मैंने उसके चूच को सहलाया और उसको बीएड पे लिटा के रखा और तकिया उसके गांड पे लगाया, मैंने बेड से निचे हो गया फिर मैंने उसके पैर को ऊपर कर के बीच में लंड रख के धक्क्का देने लगा, अब मेरा लंड करीब ३ इंच अंदर चला गया पर उसके आँख से आंसू निकलने लगे, और वो इतना ही कह रही थी कि बस करो, बहुत दर्द और जलन हो रहा है, लगता है मेरी चूत अभी इस लायक नहीं है, पर मैंने उसको समझाया कि पहली बार चुदने में थोड़ा दर्द होता है, और फिर वो चुप हो गई, मेरा लंड उसके चूत में करीब तीन इंच था, अब मैंने अपने पुरे शरीर का भार उसके चूत पे दे दिया,

लंड अंदर दाखिल हो गया, वो सिर्फ यही कह रही थी कि बहुत दर्द हो रहा है, मैं बर्दाश्त नहीं कर पा रही हु, मैंने थोड़ा अपने लंड को निकाला और फिर से अंदर डाला इस बार ऐसा लगा कि चूत के परदे को फाड़ते हुए, लंड अंदर चला गया, फिर मैंने वही ट्रिक अपनाया और फिर थोड़ा निकाला और फिर जोर से दिया अब पूरा लंड उसके चूत में चला गया था, आप ये कहानी नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पे पढ़ रहे है, फिर मैंने उसके चूच को दोनों हाथ से पकड़ा और अब रेगुलर लंड को अंदर बाहर करने लगा, मैंने पूछा क्या अब भी दर्द कर रहा है तो वो बोली काम हो गया है, मैंने पूछा मजा आ रहा है तो बोली हां अब अच्छा लग रहा है, करीब २० मिनट तक चोदा और फिर मैंने लंड को बाहर निकाल कर बाथरूम में स्पर्म को फ्लश कर दिया.

उसके बाद वो उठी और बोली कि दर्द के बाद एक बहुत अच्छा शुकुन मिला है, मुझे काफी अच्छा लगा, और वो उस दिन चली गई, फिर हम दोनों काफी क्लोज आ गए, और रोज रोज तो नहीं पर जब भी मौक़ा मिलता हम दोनों चुदाई करते,