Sex partner ki yesi chudai ki chut faad diya

 

 लड़की बनी सेक्स पार्टनर  Sex partner ki yesi chudai ki chut faad diya

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम निखिल है और में दिल्ली का रहने वाला हूँ। मेरी उम्र 22 साल, मेरी लम्बाई 5 फुट 11 इंच और मेरे लंड का साईज़ करीब 6 इंच है, जो किसी भी असंतुष्ट चूत की चुदाई करके उसे पूरी तरह से संतुष्ट करने के लिए बहुत अच्छा है और मुझे हर एक चूत को संतुष्ट करने का अनुभव भी बहुत ज्यादा है और आज में आप सभी कामुकता डॉट कॉम के चाहने वालों को अपना एक ऐसा ही सेक्स अनुभव बताने जा रहा हूँ, जिसमें मैंने एक अंजान लड़की को बहुत जमकर चोदा और उसे अपनी चुदाई से पूरी तरह से संतुष्ट किया। दोस्तों यह मेरी सच्ची घटना है और कुछ समय पहले मेरे साथ घटित हुई और में उम्मीद करता हूँ कि यह आप सभी लोगों को जरुर पसंद आएगी।

दोस्तों यह घटना मेरे साथ आज से करीब 6 महीने पहले घटित हुई। में उस समय अपने बीटेक के पेपर देकर फ्री हुआ था और उससे करीब दो महीने पहले ही मेरी गर्लफ्रेंड से मेरी बातचीत बिल्कुल बंद हो गई थी, इसलिए में थोड़ा उदास रहता था और सारा दिन में अपने घर पर ही रहता था, लेकिन में हर शाम को सिगरेट पीने के लिए ही अपने घर से बाहर निकलता था और उसके बाद घर पर आकर टी.वी. या अपने लेपटॉप पर लगा रहता था, लेकिन हर सप्ताह रविवार को में अपने दोस्तों के साथ बार में ड्रिंक करने के लिए जरुर जाता था और अगर जब मेरा मूड अच्छा नहीं होता था तो में बिना दोस्तों को कॉल किए अकेला ही वहां पर चला जाया करता था। यह बात जून के आखरी सप्ताह की है, जब में एक दिन अकेला ही बार में ड्रिंक करने के लिए चला गया, क्योंकि में उस दिन थोड़ा खुश था। फिर मैंने बार में बियर लाने का ऑर्डर कर दिया था और बियर आने के बाद बहुत आराम से बैठकर उसे पीने लगा था और दोस्तों एक बात तो में आप सभी को बताना ही भूल गया कि में जब कभी मुझे बेटाईम पीने की याद आ जाए तो उसके लिए में अपनी कार में एक बोतल हमेशा साथ में रखता था।

फिर में बैठा हुआ ड्रिंक कर रहा था और इधर उधर देख रहा था। तभी मेरी नज़र पास ही में बैठी हुई एक लड़की पर पड़ी। में आप लोगों को क्या बताऊँ दोस्तों वो क्या चीज़ थी? वो ऊपर से लेकर नीचे तक बिल्कुल कयामत थी, उसका वो गोरा बदन, लंबे काले बाल, गुलाबी रसभरे होंठ, सुराही जैसी गर्दन, एकदम गोल उभरे हुए बूब्स मुझे अपनी तरफ आकर्षित कर रहे थे। दोस्तों में उसके सेक्सी जिस्म को देखने में इतना खो गया था कि में अब ड्रिंक करना बिल्कुल ही भूल गया था और में बस मन ही मन यही बात सोच रहा था कि काश मुझे एक बार ये लड़की मिल जाए तो मज़ा आ जाए। यह अगर एक बार मुझसे हाँ कह दे तो में इसको जन्नत की सैर करवा दूँ और चुदाई के बहुत मज़े दूँ और इसकी चूत के मज़े में भी लूँ। फिर मैंने देखा कि वो बहुत देर से एकदम अकेली बैठी हुई थी, शायद वो किसी का इंतज़ार कर रही थी और में अपनी आखें फाड़ फाड़कर लगातार उसी को देख रहा था। तभी मेरे पास मेरे एक दोस्त का कॉल आ गया और मैंने उससे बात करना शुरू किया, वो मुझसे आज के प्रोग्राम के बारे में पूछने लगा। फिर मैंने उससे बहाना बनाकर कह दिया कि आज मेरा मुड बिल्कुल भी ठीक नहीं है, तुम अकेले ही चले जाओ और उससे यह बात कहकर मैंने तुरंत फ़ोन रख दिया, लेकिन दोस्तों फोन रखने के तुरंत बाद जब मैंने जैसे ही उसकी तरफ पलटकर देखा तो वो वहाँ पर नहीं थी, शायद वो चली गई थी। में अब भी उसी के बारे में सोच रहा था और फिर कुछ देर बाद में अब अपने पीने पर ध्यान लगाने लगा था और कुछ देर बाद में अपनी ड्रिंक को खत्म करके उस बार से बाहर निकल गया और में पार्किंग की तरफ जाने लगा। दोस्तों उस समय रात के करीब 10.30 बजे थे और मॉल में उस समय बहुत कम लोग ही बचे हुए थे, एक वो जो अंदर फिल्म देख रहे थे और दूसरे वो हमारे जैसे लोग जो वहां पर पीने के लिए आए हुए थे। अब में पार्किंग की तरफ़ जा रहा था और मुझे हल्का सा नशा था और फिर मैंने एक जगह पर रुककर अपनी सिगरेट जला ली थी और पीने लगा था। तभी मैंने देखा कि एक लड़की सीड़ियों पर बैठकर रो रही थी और जब मैंने उसके पास जाकर देखा तो मुझे पता चला कि यह वही लड़की थी, जो कुछ देर पहले बार में बिल्कुल अकेली बैठी थी। मुझे अपनी आखों पर बिल्कुल भी विश्वास नहीं था और उसके पास जाकर बहुत ध्यान से देखने के बाद मुझे विश्वास हुआ। फिर मैंने मन ही मन सोचा कि बेटा यही अच्छा मौका है, मार दे मौके पे चौका और में उसके अब एकदम पास चला गया और मैंने उससे पूछा कि तुम इस तरह से क्यों रो रही हो? लेकिन उसने मुझसे कहा कि ऐसा कुछ भी नहीं है और प्लीज आप मुझे अपने हाल पर छोड़ दीजिए। दोस्तों में उसका यह जवाब सुनकर थोड़ा सा उदास हो गया और फिर में वहां से निकलकर अपनी गाड़ी की तरफ़ बढ़ गया। फिर मुझे अहसास हुआ कि नहीं यार जो भी हो वो लड़की रो रही है। उसके साथ कुछ तो बात हुई है? अब मैंने अपनी कार से पानी की बोतल निकाली और में वापस उसके पास चला गया और में उससे बोला कि यह लो आप पानी पी लीजिए, लेकिन उसने एक बार फिर से वही बात दोहराई तो मैंने बोला कि ठीक है में आपसे आपकी कोई भी बात नहीं जानना चाहता और मुझे आपके बारे में कुछ भी नहीं पूछना आप बस पानी पी लीजिए और रोना बंद कर दीजिए।

वो बोली : तुम सारे लड़के एक जैसे होते हो, जहाँ लड़की देखी लार टपकाने लगते हो।

दोस्तों मुझे उस समय उसके मुहं से यह बातें सुनकर गुस्सा तो बहुत आया था, लेकिन में यह बात सोचकर शांत हो गया कि यार जो भी हो, वो कोई समस्या में है, मुझे उसकी तो कुछ मदद करनी चाहिए। उस समय में वो सभी बातें पूरी तरह से भुला चुका था और उसके बाद मैंने एक बार फिर से उससे पानी पीने के लिए बोला। इस बार उसने झटके से वो पानी की बोतल मेरे हाथ से ले ली और उसने उसे एक साईड में रख दिया था। अब मैंने उससे कहा कि अगर आपको इसे एक साईड में ही रखना था तो यह मेरी गाड़ी में रखी हुई बहुत अच्छी थी और फिर उसने मेरी पूरी बात को सुनकर बोतल को उठा लिया और फिर थोड़ा सा पानी पी लिया और अब वो थोड़ी सी शांत हो गयी, लेकिन अब भी उसकी आँखो से थोड़े से आँसू बाहर निकल रहे थे। में भी अब उसके पास में बैठ गया और मैंने उससे कहा कि पार्किंग में रो रोकर क्या बाढ़ लाने का इरादा है क्या? तो वो बोली कि में किसी भी अंजान आदमी के साथ बात नहीं करती हूँ।

में : कोई बात नहीं जी में पेपर और पेन लेकर अभी आता हूँ और आप मुझे लिखकर बता देना।

तो वो थोड़ा सा हंसी और फिर चुप हो गयी।

में : चलो ठीक है, बेसमेंट डूबने से तो बच गया, वर्ना में अपनी कार को भी नहीं निकाल पाता।

वो : आपकी समस्या क्या है आप मुझे छोड़ क्यों नहीं देते?

में : हाँ तो जल्दी से बताओ ना कि आपको कहाँ छोड़ना है?

वो : जी मेरा मतलब वो नहीं था।

में : हाँ ठीक है।

वो : फिर।

में : तो बताइए क्या समस्या है? ताकि में आपको रोने में साथ दे सकूं।

अब वो थोड़ी देर तक बिल्कुल चुप रही और फिर वो मुझसे बोली कि मेरा मेरे बॉयफ्रेंड के साथ झगड़ा हो गया है और में आज यहाँ पर ड्रिंक करने के लिए आई थी, लेकिन में ऐसा नहीं कर सकी। मैंने सोचा था कि में थोड़ी सी पीकर उसको भूल जाउंगी, लेकिन में वो भी नहीं कर पाई और मुझे इस बात का बहुत दुःख है और इसलिए में रो रही हूँ। में कुछ भी नहीं कर सकती और मुझे बिल्कुल भी समझ में नहीं आ रहा है।

में : फिर तो हम दोनों को एक साथ में बैठकर रोना चाहिए, लेकिन मुझे नहीं लगता कि इन सबसे कोई फायदा होता है।

वो : लेकिन आप मेरे साथ क्यों रोयेंगे?

में : क्योंकि अभी दो महीने पहले मुझे भी लात मारी गई है।

वो : तो आप इसलिए बार में आए थे।

में : वो किस लिए?

वो : आपकी गर्लफ्रेंड को भूलाने के लिए।

में : जो मेरा अब है ही नहीं उसको याद करके और रोने से क्या फ़ायदा? और आपको भी अब नहीं रोना चाहिए।

वो : जी ऐसा क्यों?

में : क्योंकि आपका मेकअप खराब होने की पूरी संभावना है और आप उस खराब मेकप में एकदम चुड़ैल लगोगी।

तो वो मेरी यह बात सुनकर ज़ोर ज़ोर से हंसने लगी और मुझसे बोली कि आप बातें बड़ी अच्छी करते है।

में : जी में तो बिना सोचे समझे कुछ भी बोलता हूँ और अब आप इसको अच्छी बातें बोलते है तो कोई बात नहीं है।

दोस्तों अब हमारी थोड़ी सी बातें होने लगी थी और हमने एक दूसरे का नाम पूछा तब उसने मुझे बताया कि वो नौकरी करती है और किराये पर एक फ्लेट लेकर अकेली ही रहती है। अब मैंने मन ही मन सोचा कि मेरा अब काम बन सकता है और में थोड़ा सा उसकी बातों में ज्यादा रूचि दिखाने लगा था। अब उसका मूड बहुत हद तक अच्छा हो गया था और वो अच्छा महसूस कर रही थी। अब 12:30 बजे का समय हो गया था और बातें करते करते हमे समय का पता ही नहीं चला और अब वो मुझसे कहने लगी कि मुझे अपने रूम पर जाना है, में अब बहुत लेट हो गई हूँ और अब तो मुझे ऑटो वालों का भी कोई भरोसा नहीं है।

में : तो डरने की कोई बात नहीं है, मुझे भी गाड़ी चलानी आती है।

वो : अरे नहीं यार आप पहले ही मेरी वजह से बहुत लेट हो गए हो।

में : कोई बात नहीं है और मुझे कोई समस्या नहीं है यार वैसे भी में अभी अपने घर पर नहीं जाने वाला।

वो : धन्यवाद यार।

में : अब मुझसे धन्यवाद बोलकर पगली तू क्या मुझे रुलाएगी?

वो : ठीक है में नहीं बोलती।

दोस्तों अब वो हंसने लगी। फिर में उसे उसके फ्लेट पर छोड़ने चला गया और इस बीच हमारे मोबाईल नंबर भी एक दूसरे को के पास चले गए थे और उसको फ्लेट पर छोड़कर में उससे गुडबाय बोलकर अपने घर के लिए निकल गया और अभी मुझे निकले हुए पांच मिनट भी नहीं हुए थे कि उसका मेरे मोबाईल नंबर पर कॉल आ गया और फिर मैंने उससे बात करनी शुरू की।

में : हाँ जी बोलिए क्या इतनी जल्दी हमारी याद आ गई?

वो : अरे यार मुझे आपसे वो एक बात पूछनी थी।

में : हाँ तो पूछिये, आपको रोका किसने है?

वो : यार मेरा बहुत ड्रिंक करने का मन है, लेकिन अगर आपके पास है तो।

में : हाँ है मगर उसका टेक्स लगेगा।

वो : जी वो कैसा टेक्स?

में : आपको मेरे साथ पीनी पड़ेगी।

फिर थोड़ा सा सोचने के बाद उसने झट से हाँ बोल दिया और फिर मैंने मन ही मन सोचा कि यार आज तेरी तो लोटरी लग गयी, यह लड़की तुझसे पूरी तरह से आकर्षित हो गई है और अब बात बन सकती है। अब मैंने उससे पूछा कि हमे पीनी कहाँ है?

वो : आप मेरे फ्लेट पर आ जाइए।

में : ठीक है, जब तक आप नीचे आओगे में आपकी बिल्डिंग के ठीक सामने आपको खड़ा मिलूँगा।

वो : हाँ ठीक है, लेकिन थोड़ा जल्दी से आ जाओ।

फिर मैंने फोन पर अपनी बात को वहीं पर खत्म किया और अपनी कार को मैंने उसके फ्लेट की तरफ़ वापस मोड़ लिया और में जब पहुंचा तो मैंने देखा कि वो नीचे एक कोने में खड़ी होकर मेरा इंतजार कर रही थी। फिर मैंने बोतल निकाली और में उसके पास जाकर बोला कि यह लो, आ गई तुम्हारी लाल परी।

वो : थोड़ा आराम से अगर किसी ने देख लिया तो पंगा हो जाएगा।

में : हाँ हाँ ठीक है।

फिर हम दोनों उसके फ्लेट में पहुंचे। उसका फ्लेट 4th मंजिल पर था। उसने मुझे वहां पर पहुंचते ही उसके बेडरूम में ले जाकर बैठा दिया और ए.सी. को चालू कर दिया और फिर वो मुझसे बोली कि में अभी कुछ देर में अपने कपड़े बदलकर आती हूँ और वो बाथरूम में अपने कपड़े बदलने के लिए चली गई और जब वो बाहर निकलकर आई तो मैंने देखा कि उसने काले कलर का नाईट सूट पहना हुआ था। दोस्तों में आप सभी को किसी भी शब्दों में क्या बताऊँ कि वो क्या मस्त लग रही थी, उसको देखकर मेरा मन कर रहा था कि में इस साली को पकड़कर अभी चोद दूं, लेकिन में यह बात सोचकर रह गया कि पीने के बाद देखता हूँ। फिर उसके बाद वो किचन में से कुछ खाने का सामान और कोल्ड ड्रिंक लेकर आ गई, हमने पेग बनाने शुरू कर दिए और बातें करने लगे, वो अब मेरी गर्लफ्रेंड के बारे में मुझसे पूछने लगी, लेकिन दोस्तों में अब उसके बॉयफ्रेंड के बारे में पूछने में कोई भी जल्दबाज़ी नहीं करना चाहता था। मैंने मन ही मन सोचा कि जो भी होगा, वो देखा जाएगा। अब तक हम दोनों ने करीब 3-3 पेग ले लिए थे और वो धीरे धीरे अपना असर हम दोनों पर करने लगी थी, तो हम दोनों और भी पास आकर बैठ गये थे और फिर हमारी बातें धीरे धीरे सेक्स की बातों की तरफ बढ़ती जा रही थी। तभी अचानक से उसने मुझसे पूछा कि आपने कभी सेक्स किया है?

में : हाँ मैंने अपनी गर्लफ्रेंड के साथ बहुत बार सेक्स किया है और क्या कभी तुमने भी कुछ किया है या नहीं?

वो : हाँ मैंने भी किया है।

दोस्तों अब हम दोनों एक दूसरे के और भी पास आ गये थे। अब मैंने हमारे लिए एक एक पेग और बना लिए और फिर मैंने उससे पूछा कि क्या में तुम्हारे यहाँ पर सिगरेट पी सकता हूँ?

वो : हाँ क्यों नहीं मुझे इसमें कोई भी आपत्ति नहीं है और आज तुम्हारे साथ साथ में भी पहली बार वो काम करना चाहती हूँ, जो तुम अकेले करने की बात सोच रहे हो। में भी एक बार सिगरेट पीकर देखना चाहती हूँ।

में : हाँ क्यों नहीं, बेशक।

दोस्तों अब मैंने उसको भी पीने के लिए एक सिगरेट दे दी और में खुद भी पीने लगा। सिगरेट पीने के बाद उसने मुझसे बोला कि बस एक एक पेग और फिर हम बैठकर बातें करते है। फिर मैंने कहा कि ठीक है। फिर हमने एक एक पेग और पिया और बेड पर लेट गए। दोस्तों हम दोनों एक दूसरे की तरफ़ मुहं करके बिल्कुल पास पास लेटे हुए थे और बातें कर रहे थे, हम दोनों को एक दूसरे की गरम गरम साँसे महसूस हो रही थी और मुझे उसकी आखों में बहुत कुछ नजर आ रहा था, जो वो मुझसे चाहती थी। तभी अचानक से हम दोनों ने एक दूसरे को किस करना शुरू कर दिया था और हमने करीब पांच मिनट तक एक दूसरे को किस किया और फिर में उसे अपने ऊपर ले आया और एक हाथ उसकी कमर में डालकर में अपना दूसरा हाथ उसकी गांड पर फेरने लगा था और में अब भी उसे लगातार किस करता रहा। थोड़ी देर के बाद मैंने उसे बैठा दिया और उसका नाईट सूट उतार दिया। अब वो मेरे सामने ब्रा में थी। दोस्तों उसने काली कलर की ब्रा पहन रखी थी, में आपको क्या बताऊँ दोस्तों वो मुझे कैसी लग रही थी? में अब उसकी ब्रा के ऊपर से ही उसके बूब्स को दबाने लगा और वो सिसकियाँ लेने लगी, जिसकी वजह से हम दोनों अब पूरी तरह से गरम हो चुके थे, वो अब मेरी जीन्स के ऊपर से ही मेरे लंड को सहलाने लगी थी। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर मैंने बिल्कुल सही मौका देखकर तुरंत उसकी ब्रा को भी उतारकर उससे थोड़ा दूर फेंक दिया, जिसकी वजह से वो अब मेरे सामने ऊपर से पूरी नंगी थी, उसके बूब्स 34 साईज़ के थे। फिर मैंने जल्दी से दोनों बूब्स को अपने एक एक हाथ में ले लिए थे और में उन्हें ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा और उनका रस निचोड़ने लगा था और में उसको किस भी करने लगा था। दोस्तों वो अब बिन पानी की मछली की तरह छटपटा रही थी। करीब 5-10 मिनट तक में उसके बूब्स के साथ ही खेलता रहा, कभी उन्हें मुहं में लेता और कभी काट भी लेता और उसकी सिसकियों की आवाज़ रूम में गूंज रही थी। अब में लोवर के ऊपर से उसकी चूत पर हाथ फेरने लगा था और मैंने महसूस किया कि जिसकी वजह से उसकी चूत पूरी तरह से गीली हो चुकी थी। मैंने अब ज्यादा देर ना करते हुए अपना एक हाथ उसके लोवर के अंदर डाल दिया और अपनी एक उंगली को उसकी चूत के अंदर डाल दिया तो वो आह्ह्ह्हह्हह्ह ऊईईईईइ करती रही और मुझे किस करती रही, में अब और भी समय खराब नहीं करना चाहता था, इसलिए मैंने तुरंत एक ही झटके में उसका लोवर और पेंटी दोनों को ही उतार दिया। दोस्तों में आपको क्या बताऊँ कि उसकी क्या चूत थी? उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था, वो पाव की तरह फूली हुई एकदम सुर्ख लाल हो रही थी। फिर मैंने उसे सीधा लेटा लिया और कभी में उसकी चूत में उंगली करता तो कहीं उसके बूब्स पर काटता दबाता और फिर से किस करता और रूम में ए.सी. चालू होते हुए भी वो माहोल अब तक बहुत गरम हो चुका था।

दोस्तों अब मैंने महसूस किया कि जोश के साथ साथ अब उसकी सिसकियाँ भी बढ़ती जा रही थी, इसलिए मैंने भी ज्यादा समय खराब करना ठीक नहीं समझा और मैंने तुरंत अपने सारे कपड़े उतारकर फेंक दिए और अब में उसके ऊपर आकर उसको किस करने लगा और अपने लंड के टोपे से उसकी गुलाबी रसभरी चूत की पंखुड़ियों को रगड़ने लगा और अपने टोपे को चूत के दाने पर घिसने लगा था। अब वो मुझसे कहने लगी कि सब कुछ तुम ही करोगे या मुझे भी कुछ करने दोगे? और फिर उसने मुझे बेड पर लेटा दिया और वो मेरा लंड चूसने लगी। दोस्तों मैंने देखा कि वो तो लंड चूसने में एकदम अनुभवी थी, मानो उसका मुहं सिर्फ़ मेरा लंड लेने के लिए ही बना था और थोड़ी देर लंड चूसने के बाद उसने मुझसे बोला कि यार अब नहीं सहा जाता, प्लीज अब तुम मुझे चोद दो, में अब ज्यादा नहीं सह सकती, प्लीज जल्दी से कुछ करो। फिर मैंने उसे मिशनरी पोज़िशन में ले लिया और उसकी गांड के नीचे मैंने एक तकिया रख दिया और फिर मैंने लंड को चूत के मुहं पर रखकर अपना लंड सेट किया और एक ज़ोरदार झटका दे दिया, जिसकी वजह से मेरा आधे से ज्यादा लंड उसकी चूत को फाड़ता हुआ अंदर चला गया और उसके मुहं में से हल्की सी चीख निकल गई। फिर मैंने फिर से दूसरा झटका दे दिया और अब मेरा पूरा का पूरा लंड उसकी चूत में चला गया और उसने एक ज़ोरदार चीख मारी तो अब में थोड़ी देर रुक गया और बूब्स को सहलाने के साथ साथ हल्के हल्के झटके देने लगा। दोस्तों थोड़ी देर के बाद वो भी अपनी गांड को उठा उठाकर मेरा पूरा पूरा साथ देने लगी थी, उसके मुहं से कभी सिसकियाँ और कभी चीखे निकल रही थी, उसकी वो दोनों ही आवाजें एकदम मदहोश कर देने वाली थी। करीब दस मिनट के बाद अचानक से उसने मुझे बहुत ज़ोर से पकड़ लिया और फिर वो झड़ गयी। उसके 5-7 मिनट बाद में भी उसकी चूत के अंदर ही झड़ गया और अब में उसके ऊपर ही गिर पड़ा और थोड़ी देर के बाद हम दोनों उठ गए। अब में उसे अपनी गोद में उठाकर बाथरूम में लेकर चला गया, वहां पर हम दोनों नहाने लगे और उसके बाद हम दोबारा बाहर आकर बेड पर लेट गये। अब हमने समय देखा तो सुबह के 2.30 बज रहे थे। थोड़ी देर बात करने के बाद हमने एक बार फिर से जमकर चुदाई के मज़े लिए और फिर हम सो गये। दोस्तों हम दूसरे दिन सुबह 11 बजे के आसपास उठे और वो हम दोनों के लिए कॉफी बनाकर लेकर आ गई और हम कॉफी पीने लगे और बातें करने लगे। दोस्तों कॉफी पीने के कुछ देर बाद मैंने उसकी एक बार फिर से चुदाई शुरू कर दी और उसके बाद में अपने घर पर आ गया। उस रात दिन की चुदाई के बाद दोस्तों मैंने उसे लगातार चार महीने तक चोदा और उसकी चुदाई के बहुत मज़े लिए। मैंने कई बार अपने रूम पर तो कभी उसके रूम पर बहुत मज़े लिए और उसे अपने लंड से चोदकर मैंने हमेशा पूरी तरह से संतुष्ट किया, वो मेरी चुदाई से बहुत खुश थी, लेकिन दोस्तों उसका मेरा यह साथ कुछ दिनों ही चला, लेकिन इस बीच हमने बहुत मज़े किए। हम बहुत घूमे और बहुत मज़े मस्ती की और अब उसका तबादला बेंगलोर में हो गया है ।।

 

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